December 4, 2022

विश्व मलेरिया दिवस पर विशेष : रंग ला रही मुहिम, हर साल घट रहे मलेरिया मरीज

Special on World Malaria Day Campaign is bringing colours, malaria patients are decreasing every year

विश्व मलेरिया दिवस पर विशेष

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वर्ष 2019 में 334, 2020 में 17 और वर्ष 2021 में मिले 15 मरीज

वर्ष 2022 में अब तक बनी 8383 स्लाइड, नहीं मिला मरीज

बांदा। तीन वर्षों में मलेरिया मरीजों में लगातार कमी आई है। इस साल जनवरी से अब तक 8383 स्लाइड बनाई गई हैं। राहत की बात यह की इसमें कोई भी पाजिटिव नहीं मिला है। यह कहना है जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार का।

डीएमओ ने बताया कि 25 अप्रैल को मलेरिया दिवस पर शहर की कांशीराम कालोनी में सर्वे अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में 334 मरीज पॉजिटिव मिले थे। वर्ष 2020 में 17 और वर्ष 2021 में महज 15 मरीज ही मिले। इस साल अभी तक कोई भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं आया है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि समय-समय पर लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया जाता है। स्पष्ट संदेश रहता है कि लोग अपने घरों व आस-पास पानी को इकट्ठा नहीं होने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। रुके पानी में हर प्रकार के मच्छर अंडे पैदा होते हैं। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि विश्व मलेरिया दिवस पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करें।

क्या है मलेरिया

बांदा। मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है, जो एनाफिलीस मादा मच्छर के काटने से फैलती है। इससे निकालने वाला प्रोटोजुअन प्लाज्मोडियम शरीर के ब्लड के साथ मिलने लगता है जिससे धीरे-धीरे खून की कमी होने लगती है। मलेरिया के कीटाणु दो तरह होते है एक तो प्लाज्मोडियम फ़ेल्सीपेरम (पीएफ़) जो कभी-कभी जानलेवा हो सकता है, वहीं दूसरा प्लाज्मोडियम वाईवेक्स (पीवी) यह सामान्य मलेरिया होता है। इन दोनों बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को सही समय पर उचित इलाज तथा चिकित्सकीय सहायता द्वारा ठीक किया जा सकता है। सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मलेरिया का निःशुल्क उपचार किया जाता है।

मलेरिया के लक्षण

बांदा। संक्रमण के बाद मलेरिया के लक्षण आमतौर पर 10 दिन से 4 सप्ताह में विकसित हो सकते हैं। कई बार यह समय ज्यादा भी हो जाता है। इसके परजीवी शरीर में लंबे समय तक सुप्त पड़े रहते हैं। सिर दर्द, तेज बुखार, अत्यधिक पसीना आना, मांसपेशियों में दर्द होना, जी मचलाना, उल्टी होना, खांसी आना, अत्यधिक ठंड लगना, छाती और पेट में तेज दर्द, शरीर में ऐंठन होना, मल के साथ रक्त आना इत्यादि इसके लक्षण होते हैं।

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