मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में क्यों रखा गया और बांदा जेल का क्या है इतिहास?

मुख्तार अंसारी की पत्नी ने बृजेश सिंह से अपने पति को बचाने की क्यों कि अपील और मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह की क्या है कहानी? उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल इलाके को दशकों से अपने खौफ और दहशत से डराने वाला गैंगेस्टर और कई मौतों का आरोपी मऊ जिले से बसपा विधायक मुख्तार अंसारी आज अपनी मौत के बारे में सोंच -सोंच कर हर रोज मर रहा है।

मुख्तार अंसारी ने अपनी मौत को मात देने के लिए कई सियासत खेल खेले लेकिन एक बार फिर वह मौत के मुहाने में आकर खड़ा हो गया है। गैंगस्टर लूटपाट और हत्या सहित कई अपराधों का आरोपी मुख्तार अंसारी को सन 2019 में बांदा जेल में रखा गया था लेकिन पंजाब पुलिस मुख्तार अंसारी को यह कहकर पंजाब ले गई की मुख्तार अंसारी पर एक व्यापारी से 10 करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज हुआ है।

जिसके बाद यूपी पुलिस ने मुख्तार अंसारी को वापस लाने के लिए कई बार पंजाब के चक्कर लगाए लेकिन पंजाब पुलिस ने डॉक्टरों का सहारा लेकर मुख्तार अंसारी को बीमार घोषित कर दिया और हर बार यूपी पुलिस को सौंपने से मना कर दिया लेकिन उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद पंजाब पुलिस को मुख्तार अंसारी को यूपी पुलिस के हांथो सौंपना ही पड़ा।

मुख्तार अंसारी को लेकर यूपी पुलिस का काफिला करीब 16 घंटे चलकर 800 किलोमीटर का सफर पार कर 7 अप्रैल 2021 को सुबह तड़के बांदा की जेल पहुंच गए जहां मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने मुख्तार अंसारी का परीक्षण किया और कई सुरक्षा कर्मियों की तैनाती में और सीसीटीवी की निगरानी में बैरक नंबर 16 में डाल दिया गया।

 

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