बीते 28 व 29 जुलाई को बाँदा के बबेरू क्षेत्र अंतर्गत बिसंडा, सिंहपुर,पहाड़ी मार्ग के गड्ढे भरे जाने लगे हैं।

ग्रामीणों ने उपलब्ध करवाए वीडियो व स्थानीय नागरिकों ने चित्रकूट विधायक / राज्य मंत्री चंद्रिकाप्रसाद उपाध्याय तक आपबीती पहुंचाई।

 ग्रामीण क्षेत्रों में बाँदा के आसपास की सड़कों का बेहद खराब सूरतेहाल हैं।

क्या गड्ढे भरने से बन जाएगी सड़क सवाल यह भी खड़ा होता हैं।

प्रांतीय खण्ड पीडब्ल्यूडी एक के सौजन्य से होता हैं यह सड़क निर्माण कार्य।

बाँदा। बबेरू क्षेत्र के बिसंडा होते हुए सिंहपुर,पहाड़ी और चित्रकूट को जोड़ने वाले जर्जर सड़क मार्ग के गड्ढे भरे जाने लगे हैं। वाइस आफ बुंदेलखंड ने बीते 28 व 29 जुलाई को वीडियो खबर की थी। ग्रामीणों का आक्रोश व विकास की इस दुर्गति पर फौरी कार्यवाही करते हुए सड़क के गड्ढे भरने का कार्य शुरू हो गया हैं। आज 30 जुलाई को सुबह से इस सड़क मार्ग पर बड़े गड्ढों को भरा जाने लगा है।

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उम्मीद हैं कि बरसात के बाद स्थाई मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं महोबा के ग्राम अकबई व हमीरपुर के ब्लाक सुमेरपुर अंतर्गत ग्राम नदेहरा की सड़क का बेहद खराब हाल है। ग्रामीण परेशानी से जूझते है। गौरतलब हैं मौरम खदानों से की ओवरलोडिंग से खराब की गई बाँदा के मरौली, सांडी,खपटिहा मार्ग की सड़कों का बुरा हाल है। जनपद में खनिज न्यास फाउंडेशन से मौरम क्षेत्र के गांवों की सड़कों का पुरसाहाल नहीं लिया जाता हैं।

ग्राम लुकतरा से पथरी गांव तक रस्ता दोयम दर्जे का हैं। उल्लेखनीय हैं शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व देने वाले गाँव का सड़क मार्ग,विकास कार्य खनिज न्यास फाउंडेशन की धनराशि से किया जाएगा। बावजूद इसके प्रशासन / पदेन अध्यक्ष खनिज न्यास फाउंडेशन जिलाधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते हैं।

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ग्रामीण रोजमर्रा आवागमन पर भारी कीचड़युक्त सड़को से निकलने को मजबूर हो रहे है। बबेरू क्षेत्र के बिसंडा से सिंहपुर, पहाड़ी रस्ते का मिट्टी भराव कार्य होने से ग्रामीण आंशिक तौर पर राहत पाएंगे ऐसा कहा जा सकता हैं।

जर्जर सड़कों का समाधान बन्द हो ओवरलोडिंग
बाँदा आसपास क्षेत्र में तारकोल की बेदम सड़को को स्थाई तौर पर सुधारने का एकमात्र उपाय हैं इन पर ओवरलोडिंग बन्द की जाए। सरकार के निर्देश भी हैं लेकिन थाना और चौकियों से लेकर आरटीओ तक की दलाली से यह काम रुकता नहीं हैं। जाहिर हैं जब ट्रक चालक मुंहमांगी रिश्वत देगा तब ट्रांसपोर्ट भी ओवरलोडिंग ही निकलेगा। सरकार की लिखापढ़ी में ईमानदारी की नियत को प्रशासन बट्टा लगाता हैं यह अतिशयोक्ति पूर्ण बात नहीं हैं।

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