झांसी के बंगरा विकासखंड में एनआरएलएम योजना से जुड़ी महिला व ब्लाक मिशन प्रबंधक ने लगाया शोषण का आरोप।

सहायक विकास अधिकारी आइएसबी संतराम वर्मा हैं आशिक मिजाज और रिश्वतखोर।

पूर्व में समूह की महिला द्वारा बनाई गई स्कूली ड्रेस में 42 हजार रुपये की घूस में पकड़े जा चुके है संतराम वर्मा।

सीडीओ झांसी को महिलाओं ने शिकायत पत्र देकर की कड़ी कार्यवाही और स्थानांतरण की मांग।

योजना ब्लाक मिशन प्रबंधक बंगरा अंबिका चौबे से अश्लीलता करता हैं आइएसबी संतराम वर्मा।

ग्रामीण महिलाओं के उत्थान व ग्राम्य आधारित आत्मनिर्भरता की यह योजना गांव में समूह के माध्यम से संचालित है।

जनपद झांसी के बंगरा विकासखंड तहसील मऊरानीपुर में ब्यूरोक्रेसी के अजब-गजब हाल है। यहां राष्ट्रीय आजीवका मिशन योजना से जुड़ी स्टाफ महिलाओं ने सहायक विकास अधिकारी आइएसबी संतराम वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने बीते 30 जून बीडीओ को शिकायत पत्र देकर सीडीओ झांसी से जांच व कार्यवाही की मांग की हैं। गौरतलब हैं कि झांसी के बंगरा विकासखंड में योजना ब्लाक मिशन प्रबंधक अम्बिका चौबे सहित अन्य महिलाओं ने शिकायत पत्र के माध्यम से बताया कि आये दिन सहायक विकास अधिकारी आइएसबी संतराम वर्मा द्वारा उनका मानसिक व अन्य शोषण किया जाता हैं।

समय से दफ्तर उपस्थित होने के बावजूद लेटलतीफी की हाजरी आला अधिकारियों को भेजी जाती हैं। वहीं सहायक विकास अधिकारी संतराम वर्मा पेट से महिला कर्मी अम्बिका चौबे पर फब्तियां कसते है। महिलाओं के कपड़ो पर कमेंट्स किये जाते है। बतलाते चले यह सहायक विकास अधिकारी आइएसबी महिला स्टाफ कर्मी को मोबाइल पर रात दस बजे आई मिस यू लिखकर भेजता हैं। बेशर्मी की हद पार करते हुए जहां समूह भुगतान लोन के रुपयों पर अपने हस्ताक्षर बनाने के बदले सुविधाशुल्क की मांग की जाती हैं।

Jhansi: Women are lighter than National Livelihood Mission Assistant Development Officer Santram

वहीं समूह की महिलाओं द्वारा हाल ही में स्कूली ड्रेस मसले में सहायक विकास अधिकारी आइएसबी ने 42 हजार रुपए घूसखोरी की थी। सीडीओ / बीडीओ द्वारा इसकी रिकवरी की गई लेकिन निलंबन आदि कार्यवाही नहीं होने से यह सरकारी अलमबरदार आज तक अपनी आशिक मिजाजी व रवैये से बाज नहीं आ रहा है। महिलाओं ने वीडियो बयानी से बतलाया कि संतराम वर्मा अधिकारी से योजना की 12 महिला परेशान है लेकिन कार्यवाही नहीं होती हैं। विभाग में ऊपर तक सिस्टम साधकर महिलाओं का नाहक उत्पीड़न किया जाता हैं। लोन भुगतान में दस्तखत के बदले रुपया नहीं देने पर ग्रामीण समूहों का भुगतान लंबित रखा जाता हैं।

महिलाएं महीना भर दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर रहती हैं। काबिलेगौर बात हैं बीडीओ ने योजना स्टाफ महिलाओं के पत्र पर जांच करके कार्यवाही का आश्वासन दिया है। वहीं सवाल यह खड़ा होता हैं कि अक्सर अपने गंदे / डर्टी बर्ताव से महिलाओं को हलकान करने वाले सहायक विकास अधिकारी संतराम वर्मा के विभागीय कनेक्शन किनसे जुड़े हैं जो एक रिश्वतखोर कार्मिक अभी तक कथित चाक चौबंद व्यवस्था में ग्रामीण आजीवका मिशन योजना को शर्मसार करने पर आमादा हैं ? देखना यह हैं कि सीडीओ झांसी इस कर्मी पर क्या कार्यवाही करते है और पीड़ितों को उचित न्याय कब मिलता हैं।

रिपोर्ट आशीष सागर दीक्षित

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