विपुल त्यागी की फर्म अमलोर खंड 7 का जलवा ही निराला हैं। आनंद गुप्ता, क्षेत्रीय बसपा नेता ( मौरम ठेकेदार),कानपुर रहवासी मंत्री और अन्य की हनक से नदी बेजार।

एसडीएम पैलानी रामकुमार वर्मा महोबा के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार की तर्ज पर खनन उद्योग की गैरकानूनी गतिविधियों पर मौन।

खपटिहा कला 100/3 में अवैध पुल की जांच को कूड़े में डालकर माफियाओं के मुखबिर बन जाते है अधिकारी।

अमलोर में ग्राम प्रधान प्रवीण सिंह प्रिया की शिकायत पर लेखपाल जांच का स्यापा लेकिन पोकलैंड मशीनों से खनन पर चुप्पी।

लेखपाल पहुंचा अमलोर तो पोकलैंड छिप गई खेत में और आज नदी में मशीनों की हो रही धुलाई ताकि बेखौफ पंजे नदी को रौंद सकें।

12 जून से बन्द हैं यह मौरम खदान बीते 11 जून को बरेहटा निवासी खदान कर्मी रामलखन निषाद की लाश खदान के पास नदी में मिली थी।

खदान कर्मी की मौत पर आनन फानन में हुआ समझौता,गरीब पर प्रशासन का दबाव और ठेकेदार की रुतबेदारी रही भारी।

गांव में वर्ग 3 की भूमि से ओवरलोडिंग करके हो रही निकासी इसपर महिला प्रधान ने खोल रखा है मोर्चा।

बाँदा। चित्रकूट मण्डल के बाँदा में महोबा की तरह खनिज अधिकारी व क्षेत्रीय एसडीएम को सरकार का भय नहीं है। बाँदा के पैलानी और आसपास मौरम खनन कारोबार की दबंगई देखकर यही लगता हैं। खनिज एक्ट 1963 की धारा 41-ज और पर्यावरण कानून के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जल/ वायु सहमति की ताक पर रखकर अवैध खनन होता हैं। पूरे मौरम सत्र में चलने वाला हैवी उत्खनन जून के अंतिम माह में भी यथावत हैं। बतलाते चले कि पैलानी के अमलोर खंड 7 में विपुल त्यागी की फर्म का कामकाज किसी आनंद गुप्ता की देखरेख में चल रहा है। क्षेत्रीय बसपा नेता से लेकर मौरम दिग्गज तक खदान से तार जोड़े हैं।

Banda: Mining and washing from Pokland, a workshop built on the Ken river in Amalor
बाँदा : अमलोर में केन नदी बनी वर्कशॉप पोकलैंड से खनन और धुलाई

आज सुबह की यह तस्वीर करीब 8:30 से 9 बजे के बीच की हैं। प्रतिबंधित पोकलैंड नदी में खड़े होकर धुलाई कर रही हैं या खनन यह पूछना लाजमी हैं ? सवाल यह भी हैं कि क्या नदी वर्कशॉप या गाड़ी सर्विस सेंटर है जो जलचर की परवाह किये बिना पोकलैंड नदी में यूँ उतरती हैं ?

Banda: Mining and washing from Pokland, a workshop built on the Ken river in Amalor
बाँदा : अमलोर में केन नदी बनी वर्कशॉप पोकलैंड से खनन और धुलाई

उल्लेखनीय हैं यूपी उप खनिज परिहार नियमावली 1963 के सैंतालिसवें संशोधन के मुताबिक मौरम ठेकेदार नदी तट से 25 मीटर दूर रहकर सिर्फ लोडिंग और अनलोडिंग जेसीबी मशीनों से कर सकता हैं। बावजूद इसके हैवी पोकलैंड रातदिन नदी की जलधारा में खनन करती हैं। खनिज डीड से इतर सारे कानून की बखिया उधेड़ कर यह कारनामा क्षेत्र के प्रशासन की बदौलत मुकम्मल हैं।

Banda: Mining and washing from Pokland, a workshop built on the Ken river in Amalor

सवाल यह कि क्या मुख्यमंत्री महोबा सरीखा एक और वरिष्ठ अधिकारी ऐसा देखना चाहते हैं जिन्हें हाईकोर्ट भी तंज करने को बेबस हो ? वैसे खबरों से बुंदेलखंड में अवैध कारोबार रुकते तो अपराधी नेता और जनसेवक कभी नहीं बनते। उधर अमलोर में उचित कार्यवाही नहीं होने पर महिला प्रधान ने महिलाओं के साथ आंदोलन की बात की हैं। 15 दिन वर्षा ऋतु की बाधित अवधि को शेष हैं देखना यह हैं कि नदी किस कदर अपनी आबरू बचा लेती हैं जब ज़िम्मेदार ही तमाशबीन हो जायें।

रिपोर्ट आशीष सागर दीक्षित

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