खाकीधारियों के सरंक्षण में जनपद में हो रहे तरह तरह के अवैध कार्य

हमीरपुर। जनपद की कानून व्यवस्था के बारे में कुछ कहने लायक ही नही है।पुलिस की कार्यशैली को लेकर आम जनता में तरह तरह की चर्चाएं होती रहती हैं।हालांकि सूबे के मुखिया खाकीधारियों को समय समय पर कानून का पाठ पढाते रहते हैं लेकिन खाकीधारी इस कान से सुनकर इस कान से निकालकर अपनी रागमाला में मस्त रहते हैं।इन्हें किसी का कोई खौफ नही है।इनके आगे सारे नियम कायदे कानून धरे के धरे रह जाते हैं। चंद मिनटों में सच को झूठ और झूठ को सच साबित कर देना इनके बाएं हांथ का खेल है।इनके सरंक्षण में जिले में तरह तरह के अवैध काम होते हैं।और यह अपना हिस्सा लेकर इन अवैध कार्यों से अन्जान बने रहते हैं।

हमीरपुर जनपद में कानून व्यवस्था पूरी तरह धडाम हो चुकी है।यहां के पुलिस अधीक्षक खाकीधारियों पर लगाम लगा पाने में असफल साबित होते नजर आ रहे हैं।अब पुलिस अधीक्षक इन पर लगाम क्यों नही लगा पा रहे हैं इसकी वजह खुद वही जान सकते है।यहां के लोग खाकीधारियों के खौफ से दबी जुबान बोलते हैं कि पुलिस न्याय संगत काम नही कर रही है।यह केवल उन लोगो की सुनते हैं जिनकी पहुंच लम्बी होती है या फिर उनकी जिनकी जेब गर्म होती है।लोग यह भी कहते नही चूकते की पुलिस के सरंक्षण में ही अवैध शराब,गांजा,जुआ,अवैध लकडी कटान,ओवरलोडिंग,डग्गामार वाहन ,बालू व मिट्टी खनन सहित तरह तरह के अवैध काम इनके सरंक्षण में ही होता है।यहां पुलिस बालू व मिट्टी लदे ट्रैक्टर ट्राली,सहित लकडी भरे ट्रैक्टर ट्रालियों को सडकों पर बेखौफ दौड लगाने का परमिट देती है।इसी के साथ ही जनपद में दौड लगा रहे डग्गामार वाहनों पर भी यहां की पुलिस खासी मेहरबान रहती है।यह डग्गामार वाहन क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरकर सडकों पर बेखौफ दौड लगाते हैं।थाना प्रभारी द्वारा नियुक्त किया गया प्राइवेट व्यक्ति इन डग्गामार वाहन चालकों से हर माह थाने के नाम पर अच्छी खासी रकम वसूल करता है।यह रकम हर माह थाना प्रभारी की जेब तक पहुंचा दी जाती है।इसी तरह अलग अलग अवैध कामों से माहवारी वसूलने की कमान थाना प्रभारी अपने चहेते व्यक्ति को सौंप देते हैं।जो हर माह अपनी अपनी वसूली करके थाना प्रभारी तक पहुंचा देते हैं।

अभी हाल ही में जनपद की पुलिस खासी चर्चा का विषय बनी थी।जनपद के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात स्टेनों बाबू ने राठ थाने में तैनात एक महिला दारोगा को फोन पर भद्दी भद्दी गालियां दी थी।जिसका आडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले में पुलिस की कार्यशैली पर खासे सवाल उठे थे।हालांकि पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को दबाने के लिए भरसक प्रयास किए लेकिन मामला दबते न देख पुलिस अधीक्षक ने स्टेनों बाबू को सस्पेंड किया और फिर महिला दारोगा की तहरीर के आधार पर राठ थाने में स्टेनों बाबू पर मामला भी दर्ज किया गया।इस आडियो को सुनने के बाद जनपद पुलिस पर खूब सवाल उठे थे।

इसी तरह कुरारा थाने में तैनात थाना प्रभारी बांकेबिहारी का भी एक आडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।इस वायरल आडियो में गुस्साए थाना प्रभारी ने एक व्यक्ति को गालीगलौज करते हुए जूतों से तक मारने की बात कह डाली थी।उस व्यक्ति का गुनाह सिर्फ इतना था कि उसने गांव में घूम रहे कुछ दबंगों की सूचना देने के लिए थाना प्रभारी को फोन कर दिया था।आडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच करने के निर्देश दिए,लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी अब तक शायद जांच ही चल रही है या फिर सब रफा दफा हो गया,क्यों कि थाना प्रभारी बांकेबिहारी सिंह पर अब तक कोई कार्यवाही नही हुई है।इससे पूर्व भी जब बांकेबिहारी सिंह मुस्करा थाने में तैनात थे तब भी इनके द्वारा गालीगलौज करने का एक आडियो वायरल हुआ था तब भी इन पर कोई कार्यवाही नही की गई थी।जिसे लेकर यहां के लोगों में तरह तरह की चर्चाएं हैं।लोगों का कहना है कि बांकेबिहारी सिंह पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह के बहुत करीबी हैं जिससे पुलिस अधीक्षक इन पर कोई कार्यवाही नही करना चाहते हैं।अब सच्चाई क्या है यह पुलिस अधीक्षक ही जान सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक कुरारा थाने में तैनात अतीन्द्र सिंह चौहान सिपाही का दो माह पूर्व कुरारा थाने से गोरखपुर ट्रांसफर हो चुका है जो किसी भी हाल में कुरारा थाना छोडकर जाने को तैयार नही हैं।थाना प्रभारी बांकेबिहारी सिंह अतीन्द्र सिंह चौहान को किसी भी हाल में कुरारा थानें से जाना नही देना चाहते हैं क्योंकि इनके आशीर्वाद से अतीन्द्र सिंह चौहान थानाक्षेत्र की पूरी बागडोर संभालते हैं।इन्हें थानाक्षेत्र में चौहान कारखास के नाम से जाना जाता है।जो थाना प्रभारी का दायां हाथ बताया जाता है।आखिर पुलिस अधीक्षक पुलिस की कार्यशैली पर लगाम क्यों नही लगा पा रहे हैं यह यहां के लोगों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

(जिला संवाददाता ब्रजेश ओझा)

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