देश में शनिवार कोरोना के 3 लाख 92 हजार 488 मामले सामने आए। शुक्रवार को देश भर में कोरोना के 4 लाख 1 हजार 933 मामले सामने आए। सोमवार के दिन को छोड़कर यह पहला मौका था जब कोरोना के मरीजों की संख्या पिछले दिनों से कम थी।

कोरोना को लेकर पूरे अप्रैल महीने में बुरी खबरें देश भर से सामने आई। हर दिन कोरोना मरीजों की संख्या पिछले दिन से अधिक रही। शनिवार को पहली बार कोरोना संक्रमितों की संख्या पिछले दिन के मुकाबले कम थी। देश में शनिवार कोराना के 3 लाख 92 हजार 488 मामले सामने आए। यह संख्या पिछले दिन की संख्या से 9500 के करीब कम थी। एक महीने में ऐसा पहली बार हुआ।

पहली बार पिछले दिन के मुकाबले कम केस

देश में शनिवार कोराना के 3 लाख 92 हजार 488 मामले सामने आए। शुक्रवार को देश भर में कोरोना के 4 लाख 1 हजार 933 मामले सामने आए। सोमवार के दिन को छोड़कर यह पहला ऐसा मौका था जब कोरोना के मरीजों की संख्या पिछले दिनों से कम थी। अप्रैल के महीने में सभी दिनों में कोरोना की संख्या बढ़ी है, सोमवार के दिन को छोड़कर।

सोमवार को छोड़कर इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि रविवार की वजह से उस दिन टेस्टिंग कम होती है।अप्रैल की शुरुआत से देखें तो एक लाख से कम मामले आने से देश में इसकी शुरुआत हुई जो चार लाख तक पहुंची।

पहली बार दिखा यह ट्रेंड

शनिवार के दिन यह ट्रेंड बदला जब कोरोना के मरीजों की संख्या पिछले दिन के मुकाबले कम थी। हालांकि यह कहना थोड़ा जल्दबाजी होगी कि कोरोना संक्रमण की दर में गिरावट शुरू हो गई है। इस गिरावट में ऐसा नहीं है कि टेस्ट की संख्या कम रही हो जैसा रविवार को देखने को मिलता है। जब यह केस आए उसके पहले 19 लाख रोजाना टेस्ट के करीब संख्या थी।

महाराष्ट्र में कम हुए कोरोना केस

महाराष्ट्र के मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। पिछले दस दिनों में महाराष्ट्र में कोरोना के पॉजिटिव केस में कमी देखने को मिली है। अप्रैल 22 को कोरोना के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में सामने आए थे तब संख्या 70 हजार के करीब थी। लगातार 20 दिनों तक अप्रैल महीने में कोरोना मरीजों की संख्या 60 हजार के पार ही रही। पिछले चार दिनों से इसमें और कमी देखी जा रही है।

क्या महाराष्ट्र की राह पर दिल्ली

दिल्ली में भी ऐसा ही कुछ ट्रेंड देखने को मिल रहा है। लगातार दो हफ्ते तक दिल्ली में कोरोना केस 20 हजार के पार रहे। हालांकि एक्टिव केस 1 लाख से कम ही रहे वो भी तब जब लगातार दस दिन तक 20 हजार से अधिक मरीज सामने आ रहे थे। इस नंबर को लेकर भी लोगों के बीच उत्सुकता है। यह संख्या ऊपर नहीं जा रही है इसको देखकर थोड़ी राहत है।

महाराष्ट्र में जिस प्रकार नंबर घटे हैं और उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली में भी कुछ दिनों में संख्या में और गिरावट आने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में नंबर की गिरावट को देखकर बाकी राज्यों में ऐसी गिरावट आएगी वैसी उम्मीद की जा सकती है। जब मामले कम आने शुरू होंगे तो एक्टिव केस की संख्या में थोड़ी गिरावट आएगी।

लॉकडाउन अब इन राज्यों में भी

महाराष्ट्र और दिल्ली ही नहीं कई दूसरे राज्यों में भी लॉकडाउन लगाया जा रहा है। दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी आज से पूरे राज्य में सात दिन का लॉकडाउन लग गया है। इससे पहले राज्य के नौ जिलों में वीकेंड कर्फ्यू लागू था। वहीं ओडिशा में भी 14 दिनों के लिये पांच मई से 19 मई तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है।

सौजन्य से : नवभारत टाइम्स

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