हमीरपुर : जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ सम्पन्न, भाजपा ने मारी बाजी

Hamirpur: Election of District Panchayat President concluded, BJP won

हमीरपुर : जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ सम्पन्न, भाजपा ने मारी बाजी

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जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जयंती राजपूत का किया जोरदार स्वागत

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के 53 जनपदों में आज जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव सम्पन्न होने थे। इसी क्रम में आज हमीरपुर जिले में भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव कलेक्ट्रेट परिसर में प्रेक्षक हरीश यादव की निगरानी में सुबह 11 बजे से 3 बजे तक सम्पन्न हुआ। इस चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। सुरक्षा की दृष्टि से 2 सीओ, 5 इन्सपेक्टर, सर्किल पुलिस फोर्स, महिला पुलिस कर्मी व एक प्लाटून पीएसी जवानों को तैनात किया गया। साथ ही कलेक्ट्रेट के पांचों गेट बंद किए गए सिर्फ मेन गेट से ही जिला पंचायत सदस्यों का आना जाना सुनिश्चित किया गया।

हमीरपुर जनपद से भाजपा पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जयंती राजपूत को अपना प्रत्याशी बनाया था। जबकि भाजपा से बागी दुष्यंत सिंह को निषाद पार्टी ने मैदान पर उतारा था। दोनों प्रत्याशियों के नामांकन के बाद से ही चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई थीं। आज सुबह 11 बजे से 3 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में चुनाव कराया गया।इस चुनाव में 17 जिला पंचायत सदस्यों में 11 सदस्यों ने भाजपा की जयंती राजपूत को वोट दिया। जिससे जयंती राजपूत ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा कर लिया।जबकि दुष्यंत सिंह को सिर्फ 6 वोट ही मिल सके। जयंती राजपूत की जीत की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड पडी। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया और खुशियां मनाई। उधर निषाद पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत सिंह ने चुनाव निष्पक्ष तरीके से न कराए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता की हनक दिखाकर भाजपा ने अपने प्रत्याशी को जिताया है। हालांकि इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में मीडिया के जाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहा।मीडिया कर्मी गेट के बाहर से ही कवरेज करते रहे।

Hamirpur: Election of District Panchayat President concluded, BJP won

ज्ञात हो की दुष्यंत सिंह के नामांकन होने के अगले दिन ही यहां के अधिकारियों ने उनकी बालू खदान सहित बालू डंप पर बडी कार्यवाही करते हुए इन्हें सीज किया था साथ ही 1 करोड 47 लाख का जुर्माना भी ढोंका था। इस कार्यवाही को दुष्यंत सिंह ने चुनावी द्वेष भावना से करना बताया था जबकि यहां के अधिकारियों ने डंप और बालू खदान में अनियमितताएं पाए जाने पर कार्यवाही करना बताया था। कुछ भी हो यहां के लोग भी दबी जुबान बोलते हैं की यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से नही कराया गया है।

(जिला संवाददाता ब्रजेश ओझा)

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