December 4, 2022

सवर्ण गरीब कोटे से प्रोफेसर बने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के भाई का ट्रोल के बाद इस्तीफा

सवर्ण गरीब कोटे से प्रोफेसर बने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के भाई का ट्रोल के बाद इस्तीफा

सवर्ण गरीब कोटे से प्रोफेसर बने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के भाई का ट्रोल के बाद इस्तीफा

Advertisements

शिक्षा मंत्री का डाक्टर सतीशचंद्र द्विवेदी भाई अरुण द्विवेदी कूटरचित दस्तावेज से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में असिस्टेंट प्रोफेसर बन गया था

मीडिया में खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोलिंग व भ्रष्टाचार की खिलाफत करने वाली लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर द्वारा मुख्यमंत्री को प्रेषित शिकायत पर जांच की मांग की गई थी। बतलाते चले कि पिछले तीन दिनों से इस मामले ने तूल पकड़ रखा था। बुधवार को नौगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान संदिग्ध नियुक्ति के आरोपी अरुण द्विवेदी ने पत्रकारों से अपनी बात कहते हुए तंज किया कि मंत्री का भाई होना अपराध और ब्राह्मण होना अभिशाप हैं उन्होंने रुंधे गले से अपनी तरफ से इस्तीफा दिया जिसको विश्विद्यालय परिवार ने स्वीकार कर लिया है।

सवर्ण गरीब कोटे से प्रोफेसर बने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के भाई का ट्रोल के बाद इस्तीफा
सवर्ण गरीब कोटे से प्रोफेसर बने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के भाई का ट्रोल के बाद इस्तीफा

उधर सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर कहती है कि मंत्री के भाई द्वारा अपराधबोध होकर सार्वजनिक इस्तीफा देने से यह मामला जांच के दायरे से बाहर नहीं हुआ है। वे कहती हैं कि (सामान्य वर्ग के लिए आर्थिक पिछड़ेपन आधार पर आरक्षण) ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की गम्भीरता से जांच होनी चाहिए। उल्लेखनीय हैं कि नूतन ठाकुर ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री की माताजी के नाम पर कुछ ज़मीन की खरीद फरोख्त के मसले भी उजागर किये है।

सवर्ण गरीब कोटे से प्रोफेसर बने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के भाई का ट्रोल के बाद इस्तीफा
सवर्ण गरीब कोटे से प्रोफेसर बने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के भाई का ट्रोल के बाद इस्तीफा

उन्होंने सोशल मीडिया पर रजिस्ट्रार स्टाम्प रजिस्ट्री की फ़ोटो प्रति पोस्ट करते हुए लिखा कि उत्तरप्रदेश सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी जी के भाई की असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर मानक विहीन नियुक्ति के बाद आज एक और मामला सामने आया है। उक्त मंत्री जी की माताजी द्वारा 11/12/2019, 18/11/2020, 08/01/2021 को खरीदे 03 जमीन के बैनामे खुलासा हुआ है। इसमें 1.26 करोड़ की ज़मीन को स्टाम्प चोरी करते हुए 20 लाख में खरीदा गया है। काश अन्य लोग भी सामान्य वर्ग के पिछड़ेपन को आड़ लेकर आर्थिक आधार पर आरक्षण से ऐसे ही जमीन खरीद लेते। बकौल नूतन ठाकुर इसकी जांच होना चाहिए।

सवर्ण गरीब कोटे से प्रोफेसर बने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के भाई का ट्रोल के बाद इस्तीफा
सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर

बड़ी बात है विधानसभा चुनाव आते ही सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के माननीय विधायक, सांसद जो पांच साल पहले कुछ नहीं थे आज करोड़ो के मालिक हैं। वक्त रहते इसके खुलासे होंगे और भ्रष्टाचार की परतें उधड़ती जाएंगी। देखना यह हैं कि मुख्यमंत्री लोकायुक्त या अन्य से क्या कार्यवाही की मंशा बनाते है या मामले को दबा दिया जाएगा।

@आशीष सागर दीक्षित,बाँदा।

You cannot copy content of this page

%d bloggers like this: