बांदा : मिडियेशन सेंटर के लिए उपल्ब्ध कराई जाये निःशुल्क भूमि

Banda Free land should be made available for mediation center

मिडियेशन सेंटर के लिए उपल्ब्ध कराई जाये निःशुल्क भूमि

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जिला उपभोक्ता आयोग ने डीएम को लिखा पत्र

बांदा। जिला उपभोक्ता आयोग ने मिडियेशन सेंटर के लिए 1000 स्क्वायर फिट निः शुल्क भूमि उपलब्ध कराए जाने के लिए जिलाधिकारी बांदा को पत्र भेजा है।

उक्त जानकारी जिला उपभोक्ता आयोग बांदा के वरिष्ठ सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी ने देते हुए बताया कि माननीय भारत सरकार उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय  की गाइडलाइंस के अनुसार जिला उपभोक्ता आयोग का मिडियेशन सेंटर बनाया जाना है। इस हेतु निबंधक राज्य आयोग उत्तर प्रदेश लखनऊ के द्वारा जिलाधिकारी बांदा को 2014 में पत्र भेजते हुए अनुरोध किया गया था कि मिडियेशन सेंटर हेतु जिला उपभोक्ता फोरम के आसपास 1000 स्क्वायर फीट निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाए। परंतु जिलाधिकारी महोदय के कार्यालय से निशुल्क भूमि उपलब्ध न हो पाने के कारण मेडिएशन सेंटर का प्रस्ताव माननीय आयोग को नही भेजा जा सका। मध्यस्था सेंटर के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराए जाने हेतु पूर्व अध्यक्ष तूफानी प्रसाद ने 27 नवंबर 2021 में जिलाधिकारी बांदा को एक पत्र भेजा गया है। परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई। मध्यस्था केंद्र के लिए भूमि दिलाने हेतु  अनिल कुमार चतुर्वेदी वरिष्ठ सदस्य ने जिलाधिकारी बांदा से व्यक्तिगत रूप से दिनांक 17 मार्च 2022 को मुलाकात कर वार्ता करते हुए निवेदन किया कि जिला उपभोक्ता आयोग के ठीक सामने पड़ी हुई भूमि जो कलेक्ट्रेट की है, से 1000 स्क्वायर फीट निशुल्क भूमि मध्यस्था सेंटर बनाए जाने हेतु आवंटित करने की कृपा करें।

वरिष्ठ सदस्य जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा जिलाधिकारी महोदय को भेजे गए पत्र में यह भी अवगत कराया है कि श्रीमती मीना कुमारी प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन उपभोक्ता संरक्षण के द्वारा अधिसूचना दिनांक 25 नवंबर 2021 के माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 74 के अनुसार जिला उपभोक्ता फोरम में मध्यस्था प्रकोष्ठ के लिए मध्यस्थों का एक पैनल बनाए जाने के भी निर्देश दिए गए क्योंकि जिला उपभोक्ता आयोग बांदा में श्रीमान तूफानी प्रसाद के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद पूर्ण रूप से रिक्त चल रहा है। इसके अलावा महिला सदस्य का पद भी रिक्त चल रहा है जिस कारण शासन की अधिसूचना के क्रम में चयन समिति का कोरम पूर्ण नहीं है जिस कारण अभी मध्यस्था प्रकोष्ठ में मध्यस्थता का पैनल बनाया जाना है। श्री चतुर्वेदी ने अपने पत्र में कलेक्टर बांदा से हुई वार्ता के क्रम में अनुरोध किया है कि तहसीलदार बांदा के माध्यम से मेडिएशन सेंटर हेतु भूमि आवंटित कराए जाने हेतु समुचित निर्देश जारी किए जाएं।

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